पुस्तक समीक्षा - उत्तराखंड उत्पाद, उत्तराखंड उपहार

विनोद जोशी 

डॉ० सर्वेश उनियाल की लिखित इस पुस्तक में उत्तराखंड के खान-पान, लोक-कला और संस्कृति को लेकर बहुत ही आकर्षक और प्रभावी ढंग से जानकारियां दी गयी हैं।  पुस्तक को उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों के साथ ही यहां की हस्तशिल्प, हथकरघा, लोक-कला, संस्कृति व खान-पान से पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को अधिकाधिक जानकारी देने के लिए सोविनियर बुक के रूप में उपयोगी बनाया गया है। इस पुस्तक को पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 1916-17 के लिए हिंदी में पर्यटन पुस्तक की श्रेणी में उत्कृष्ट प्रकाशन का राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया है।

गढ़वाल विवि के पर्यटन विभाग के निदेशक प्रो० एस० सी० बागड़ी ने कहा कि पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को लेकर राज्य के लिए एक सोविनियर बुक की आवश्यकता की कमी को इस प्रयोग से पूरा किया जाने का यह प्रयास किया गया है। मार्च 2014 में विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला के अवसर पर विशेषज्ञों द्वारा एक ऐसी सोविनियर बुक के प्रकाश पर जोर दिया गया था। उत्तराखंड हथकरघा हस्तशिल्प परिषद के निदेशक सुधीर चंद नौटियाल का कहना है कि "उत्तराखंड उत्पाद,उत्तराखंड उपहार" प्रवासी उत्तराखंडवासियों के लिए भी बहुत उपयोगी है। इस पुस्तक का प्रकाशन विनसर पब्लिकेशन कंपनी देहरादून द्वारा किया गया है। 

डॉ० उनियाल ने बताया कि राज्य में पर्यटन की वास्तविक संभावनाओं को उजागर करने के लिए बड़े स्तर के परिवर्तन की पहल के परिप्रेक्ष में यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि पर्यटन परिदृश्य एवं रणनीतियों को जीवंत किया जाय। मेरा प्रयास है उत्तराखंड को वैश्विक स्तर के पर्यटन के लिए गंतव्य बनाना जो कि सुरक्षित, स्थायी और समावेशी हो और जिसमें वैश्विक श्रेणी के पर्यटन उत्पाद और सेवायें सम्मिलित हों और राज्य अग्रणी पर्यटन के रूप में उजागर हो सके। 

लेखक परिचय 
डॉ० सर्वेश उनियाल, हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के पर्यटन विभाग में परियोजना अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। डॉ० उनियाल द्वारा उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों पर ट्रेवल हैंड बुक या सोविनियर बुक लिखने का अभिनव प्रयास किया गया है। इससे पूर्व उन्होंने नंदा देवी राज जात (उत्तराखंड की प्रमुख सांस्कृतिक हिमालयी यात्रा) पर "प्रकृति पथ–नंदा पथ" एवं "प्रकृति पथ–गंगा पथ" जैसी ट्रैवल हैंडबुक लिखी हैं। डॉ० उनियाल द्वारा स्वच्छ भारत, स्वच्छ पर्यटन के लिए "सैर सलीका" अभियान भी संचालित किया जा रहा है। इस अभियान पर आधरित एक लघु डाक्यूमेंट्री पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस भी प्रदान किया गया है। डॉ० सर्वेश उनियाल स्पर्श गंगा अभियान, नमामि गंगे अभियान से भी संबद्ध है। पर्यटन स्थलों पर भ्रमण तथा विभिन्न कार्यक्रमो के आयोजक सचिव, सलाहकार आदि के रूप में सक्रिय भूमिका रही है। डॉ० सर्वेश उनियाल को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर भारत सरकार के पर्यटन  मंत्री  श्री के० जे० अल्फोंस द्वारा “नेशनल टूरिज्म अवॉर्ड 2016-17” प्रदान किया गया। उनियाल को यह नेशनल अवॉर्ड पर्यटन प्रोत्साहन एवं प्रचार-प्रसार श्रेणी के अंतर्गत हिंदी में उनकी ट्रैवल हैंडबुक "उत्तराखंड उत्पाद, उत्तराखंड उपहार" के लिए प्रदान किया गया।

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