उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को मिला 'स्पर्श गंगा शिक्षाश्री सम्मान 2020'

विनोद जोशी

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों के बेहतरीन काम को सार्वजनिक मान्यता देने व अन्य शिक्षकों को प्रेरणा मिल सके, इस उद्देश्य से हिमालयन एजुकेशनल रिसर्च एण्ड डेवलपमैंट सोसाईटी (हर्ड्स) द्वारा ‘स्पर्श गंगा शिक्षाश्री सम्मान’ की शुरूआत की गयी है। शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदान किये जाने वाले इस सम्मान हेतु गठित चयन समिति द्वारा वर्ष 2020 हेतु डॉ० संतोष मिश्रा, एम0बी0पी0जी0 कॉलेज, हल्द्वानी (नैनीताल), श्री पुष्कर सिंह नेगी, पब्लिक इंटर कालेज, सुरखेत (पौड़ी), श्री मुकुल तिवारी, राजकीय इंटर कालेज मौना (नैनीताल), श्री सत्येन्द्र सिंह भण्डारी, राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोटतल्ला (रूद्रप्रयाग), तथा श्री मोहन चन्द्र जोशी, राजकीय इंटर कालेज, बेस्ता (पिथौरागढ़) के नामों की संस्तुति की गयी है। ‘स्पर्श गंगा शिक्षाश्री सम्मान’ के अन्र्तगत प्रत्येक शिक्षक को रू0 11,000 की नकद धनराशि, प्रशस्ति पत्र तथा स्मृति चिन्ह प्रदान किया जायेगा।

पुरस्कारों की घोषणा करते हुए हर्डस के सचिव तथा स्पर्श गंगा अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक प्रो0 अतुल जोशी ने कहा कि स्पर्श गंगा अभियान के प्रणेता डॉ० रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की प्रेरणा से उत्तराखंड में शिक्षण कार्य के साथ-साथ शिक्षा में नवाचार, नामांकन, बेहतर परीक्षा परिणाम, सामाजिक कार्यों, विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता आदि में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पांच शिक्षकों को यह पुरस्कार प्रदान किया जा रहा है। 

डॉ० संतोष मिश्रा
श्री मोहन चन्द्र जोशी
श्री मुकुल तिवारी
श्री पुष्कर सिंह नेगी
श्री सत्येन्द्र सिंह भण्डारी

प्रो0 जोशी ने बताया कि शिक्षक दिवस के अवसर पर चयनित शिक्षकों को उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले समारोह में ‘स्पर्श गंगा शिक्षाश्री सम्मान’ प्रदान किये जाने थे परन्तु पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न प्रणव मुखर्जी के स्वर्गवास के कारण राष्ट्रीय शोक से उक्त सम्मान समारोह स्थगित किया गया है, जिसे बाद में आयोजित किया जायेगा। उन्होने कहा कि शिक्षा की चाक पर अपने अनुभव से विद्यार्थियों को आकार देने वाले शिक्षकों के कंधे पर समाज की ऐसी जिम्मेदारी होती है, जहां से देश का भविष्य तैयार होता है। जब शिक्षक गुरु बनकर अपने विद्यार्थियों को ज्ञान देंगे तो बच्चे स्वतः ही उनका सम्मान करेंगे और आजीवन उनके प्रति कृतज्ञ रहेंगे। गुरु को संसार में माता के बाद प्रथम स्थान दिया गया है क्योंकि एक शिक्षक ही विद्यार्थियों को सही राह दिखाता है और हर परिस्थिति के लिए तैयार करता है. शिक्षकों को ‘स्पर्श गंगा शिक्षाश्री सम्मान’ देने का उद्देश्य उनके द्वारा दी गई सेवाओं के कारण समाज में उन्हें सम्मानित करना है ताकि अन्य लोग भी उनके कार्यो से प्रेरणा ले सकें।

‘स्पर्श गंगा शिक्षाश्री सम्मान’ हेतु गठित पाँच सदस्यीय चयन समिति में प्रो0 प्रभाकर बडौनी, डॉ० सर्वेश उनियाल, डॉ० एस0डी0तिवारी, श्री आशीष डंगवाल तथा श्रीमती रीता चमोली सम्मिलित थे। इस अवसर पर हिमालयन एजुकेशनल रिसर्च एण्ड डेवलपमैंट सोसाईटी (हर्ड्स) के अध्यक्ष श्री के0के0 पांडे, कोषाध्यक्ष श्री विनोद जोशी, डॉ० एस0डी0 तिवारी, श्री मनोज पांडे, डॉ० जीवन उपाध्याय, डॉ० सुरेश डालाकोटी, डॉ० महिमा जोशी, श्री चारु तिवारी, श्रीमती कंचन जोशी आदि उपस्थित थे।

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