आपो वा इदाः सर्वम् विश्वभूतान्यापाः।
श्रागावापः पासव अपोन्नमपोमृतम् आपः।।

जल ही ब्रह्माण्ड, उसका भूत और उसका वर्तमान है। खाद्य पदार्थ और जीव जल हैं, आसपास की सारी वनस्पति जल है और जल जीवन के लिए अमृत के समान है।

यह वेबसाइट  शांतिनिकेतन ट्रस्ट फॉर हिमालया द्वारा विकसित की है।

@ 2020 शांतिनिकेतन ट्रस्ट फॉर हिमालया सर्वाधिकार सुरक्षित।

  • Facebook - Black Circle
  • Twitter - Black Circle

Ramgarh (Uttarakhand), India