केंद्रीय मंत्री डा० निशंक के प्रयासों से शीघ्र साकार होगा गुरुदेव टैगोर का स्वप्न

उत्तराखंड को मिलेगी केंद्रीय विश्वविद्यालय विस्वा-भारती के एक परिसर की सौगात

के० के० पाण्डेय्

हल्द्वानी 12 जून 2020। गुरूदेव रबिन्द्रनाथ टैगोर की कर्मभूमि रहे रामगढ़ (नैनीताल), में उनके सपनों के अनुरूप शांतिनिकेतन की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होने जा रहा है। यह जानकारी देते हुए ट्रस्ट के प्रन्यासी प्रो0 अतुल जोशी ने बताया कि दिनांक 10 जून को विस्वा-भारती, केंद्रीय विश्वविद्यालय, शांतिनिकेतन पश्चिम बंगाल की कार्यपरिषद ने सर्वसम्मति से निर्णय ले लिया है कि हिमालयी राज्य उत्तराखंड के रामगढ़ में जहाॅं पर गुरुदेव ने अपने प्रवास के दौरान कालजयी ग्रंथ गीतांजलि की रचना की थी तथा जिस हेतु गुरूदेव सहित भारत एवं एशिया को साहित्य सृजन के लिए प्रथम नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ था, वहां पर विस्वा-भारती का एक परिसर विकसित किया जायगा।

 

कार्यपरिषद द्वारा पारित प्रस्ताव में ऋग्वेद के श्लोक ‘यात्रा विश्वं भवति एक नीदं’ (जहाॅं दुनियाॅं एक घौंसला बन जाती है) का संदर्भ देते हुए कहा गया है कि गुरूदेव के मानवतावादी विचारों को विश्वभर में प्रसारित करने का अवसर प्राप्त होगा।

उक्त निर्णय के आलोक में शांतिनिकेतन ट्रस्ट ऑफ़ हिमालया के प्रन्यासियों की बैठक हल्द्वानी में सम्पन्न हुई जिसमें रामगढ़ में केन्द्रीय विश्वविद्यालय विस्वा-भारती, शांतिनिकेतन का एक परिसर स्थापित करने के प्रस्ताव पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसें रामगढ़ सहित कुमाऊॅं मंडल एवं उत्तराखंड के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया। बैठक में सर्वसम्मति से शांतिनिकेतन ट्रस्ट ऑफ़ हिमालया के संरक्षक तथा केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री, भारत सरकार डाॅ० रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ का आभार  ज्ञापित किया गया। 

 

ज्ञात हो कि गुरूदेव टैगोर की कर्मभूमि में  वैश्विक स्तर का उच्च शिक्षण एवं शोध संस्थान स्थापित करना डा० निशंक की प्राथमिकताओं में से एक रहा है। पूर्व में भी डॉ० निशंक द्वारा उत्तर-प्रदेश सरकार में संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री रहते हुए रामगढ़, उत्तराखडं में गुरुदेव की विरासत को संरक्षित एवं संवर्धित करने हेतु 50 लाख रुपये का अनुदान दिया गया था।

बैठक में ट्रस्ट द्वारा अध्यक्ष विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, कुलपति विस्वा-भारती प्रो0 विद्युत चक्रवर्ती एवं समस्त कार्यपरिषद सदस्य सहित क्षेत्रीय सांसद नैनीताल श्री अजय भट्ट, क्षेत्रीय विधायक श्री राम सिंह कैड़ा सहित प्रदेश सरकार, जन प्रतिनिधियों एवं स्थानीय जनता के प्रति भी आभार ज्ञापित किया गया। श्री देवेन्द्र ढेला की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि विस्वा-भारती के रामगढ़ में स्थापित होने वाले प्रस्तावित परिसर को केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री, भारत सरकार डाॅ० रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की प्रेरणानुरूप विश्वस्तरीय शिक्षा केन्द्र के रूप में विकसित करने के प्रयास किये जायेंगे जिसके तहत गुरूदेव के ग्रामीण पुर्ननिर्माण के विकास माडल ‘श्रीनिकेतन’ की अवधारणा के अनुरूप उसमें स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का समुचित उपयोग कर रोजगार सृजन एवं आत्मनिर्भर ग्रामीण व्यवस्था स्थापित करने के प्रयास किये जाएंगे। साथ ही राष्ट्रीय स्तर के गुड गर्वनेंस संस्थान की स्थापना का प्रस्ताव भी पारित किया गया।

 

बैठक में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, उत्तराखंड, माननीय श्री गोविन्द सिंह कुंजवाल, श्री नवीन वर्मा, श्री हेमंत डालाकोटी, डाॅ० एस०डी० तिवारी, डाॅ० सुरेश डालाकोटी, डाॅ० नवीन चन्द्र जोशी, श्री देवेन्द्र बिष्ट,  श्री के० के० पाण्डेय्, श्री शुभम डालाकोटी एवं श्री विनोद जोशी आदि उपस्थिति थे।  

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Ramgarh (Uttarakhand), India