जानिए रवींद्रनाथ टैगोर की उस किताब के बारे में, जिसकी अमेरिका में एक कॉपी 45 हजार रुपये में बिकी

चारु तिवारी

साहित्य को देश से लेकर विदेश तक में नई पहचान दिलाने वाले पहले नोबल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर सिर्फ एक कवि ही नहीं बल्कि वह संगीतकार, चित्रकार और लेखक भी थे। उन्हें आने वाले कई युगों तक याद रखा जाएगा। रवींद्रनाथ टैगोर की लोकप्रिय किताब 'द किंग ऑफ द डार्क चैंबर' की पिछले साल (2018) अमेरिका में सात सौ डॉलर (करीब 45 हजार रुपये) में नीलाम हुई थी।

किसने प्रकाशित की थी किताब


1916 में मैकमिलन कंपनी ने यह किताब प्रकाशित की थी। टैगोर के बंगाली में लिखे गए नाटक 'राजा' का यह अंग्रेजी अनुवाद है। इस नाटक की कहानी एक रहस्यमय राजा के इर्द-गिर्द घूमती है।

टैगोर ने खुद लिखी थी किताब की प्रस्तावना 


आपके बता दें कि इस किताब की प्रस्तावना रवींद्रनाथ टैगोर ने खुद फाउंटेन पैन से लिखी थी। इस बुक के कवर पर उनके हस्ताक्षर भी हैं। अमेरिका स्थित नीलामी हाउस आरआर ऑक्शन ने खुद पिछले साल बताया था कि उन्हें पहले तो उम्मीद थी कि यह पांच सौ डॉलर (करीब 32 हजार रुपये) तक में नीलाम होगी। लेकिन, किताब के लिए बोली इससे कहीं अधिक लगी।

टैगोर की कविताओं का डिजिटल संग्रह


रवींद्रनाथ टैगोर की 3,500 कविताओं का एक डिजिटल संग्रह भी है। यह संग्रह पिछले साल (2018) जारी किया गया था। इस संग्रह में 15 कविताएं वह हैं जिनका पाठ टैगोर ने खुद किया था, जबकि बाकियों का पाठ 245 अन्य वक्ताओं ने किया। 


ये संग्रह पुणदु बिकास सरकार ने किया था। 60 सबसे लोकप्रिय कविताओं को सबसे प्रसिद्ध कविताएं, नामक एक अलग गैलरी में रखा गया । पांच साल के शोध के बाद उन्होंने इन्हें इकट्ठा कर इनका डिजिटल संग्रह तैयार किया। इस संग्रह में टैगोर से जुड़े कई विवरण मौजूद हैं, जैसे उन्होंने किस उम्र में ये कविताएं लिखीं थीं या किस जगह इन्हें लिखा गया था। 

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